ऐपल अपने पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Ultra को लॉन्च करने की तैयारी में है। ऐपल के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जॉन टर्नस (John Ternus) 9 सितंबर को कैलिफोर्निया स्थित स्टीव जॉब्स थिएटर में होने वाले कंपनी के मेगा इवेंट में इस ऐतिहासिक डिवाइस से पर्दा उठा सकते हैं। टेक जगत में इसे ऐपल द्वारा एक दशक बाद पेश की जाने वाली बिल्कुल नई प्रोडक्ट कैटेगरी माना जा रहा है।
iPhone Ultra से जुड़ी 6 प्रमुख बातें:
1. 9 सितंबर को मेगा इवेंट में होगा पेश
ऐपल के 'Surprise and Shine' इवेंट का आयोजन बुधवार, 9 सितंबर को किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे लाइव स्ट्रीम होगा। हालांकि इस दौरान कंपनी अन्य उत्पाद भी पेश करेगी, लेकिन सबका मुख्य ध्यान iPhone Ultra पर रहने की उम्मीद है।
2. पासपोर्ट जैसा साइज और सबसे पतला iPhone
यह फोल्डेबल आईफोन बंद होने पर लगभग 5.5 इंच के कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन की तरह और खुलने पर 7.8 इंच के iPad मिनी जैसे बड़े डिस्प्ले में बदल जाएगा। पूरी तरह खुलने पर इसकी मोटाई महज 4.5 मिमी हो सकती है, जिससे यह अब तक का सबसे पतला और हल्का आईफोन बन सकता है।
3. नए फोल्डेबल फॉर्म फैक्टर के लिए कस्टमाइज्ड UI
फोल्डेबल स्क्रीन के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यह फोन नए iOS 27 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आ सकता है। इसमें सैमसंग के फ्लेक्स मोड की तरह एंगल-बेस्ड डिस्प्ले मोड्स, दो ऐप्स को साथ-साथ चलाने (स्प्लिट-स्क्रीन मल्टीटास्किंग) और बड़ी स्क्रीन के अनुकूल नए सॉफ्टवेयर फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।
4. ऐपल की पहली 2nm 'A20 Pro' चिप
प्रदर्शन के मामले में iPhone Ultra बेहद शक्तिशाली होने वाला है। इसमें ऐपल की पहली 2-नैनोमीटर प्रोसेस पर तैयार की गई A20 Pro चिप दी जा सकती है। यह चिप पिछली पीढ़ी के मुकाबले करीब 15% अधिक परफॉर्मेंस और 30% तक बेहतर पावर एफिशिएंसी प्रदान करेगी।
5. सबसे महंगा आईफोन और सीमित उपलब्धता
ऐपल विश्लेषक मिंग-ची कुओ के अनुसार, iPhone Ultra के बेस मॉडल की कीमत 2,400 से 2,500 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹2.25 लाख से अधिक) हो सकती है, जबकि इसके टॉप-एंड वेरिएंट की कीमत $3,000 के पार जा सकती है। प्रीमियम मटीरियल और हाई-एंड तकनीक के कारण यह शुरुआत में चुनिंदा वैश्विक बाजारों में ही बहुत सीमित संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा।
6. क्रीज और मजबूती पर सभी की नजरें
फोल्डेबल स्मार्टफोन्स में स्क्रीन की सिलवट (Crease) और हिंज की मजबूती हमेशा सबसे बड़ा सवाल रही है। ऐपल इस तकनीक पर लंबे समय से काम कर रहा है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि इसका नया हिंज मैकेनिज्म क्रीज को काफी हद तक कम करेगा और इसे बाजार के मौजूदा प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक टिकाऊ बनाएगा।