ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव अब समुद्री क्षेत्र तक पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों को नष्ट कर दिया है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश के बाद की गई।
अमेरिकी युद्धपोत पर दो बार हमला करने की कोशिश
CENTCOM ने बताया कि पिछले दो दिनों में IRGC ने एक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से दो बार हमला करने की कोशिश की। हालांकि दोनों हमले अपने लक्ष्य को नुकसान पहुंचाने में नाकाम रहे। अमेरिकी युद्धपोत मिसाइलों से बचने में सफल रहा और क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखीं।
तेल टैंकरों पर हमले से बढ़ी चिंता
ईरान के तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमले ने पहले से तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन घटनाओं का सीधा संबंध स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भी है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री टकराव बढ़ने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालिया घटनाक्रम के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
ईरान ने भी किया पलटवार
अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन ने बताया कि उसकी सेना ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया, जबकि कुछ मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर गिरींईरान की ओर से समुद्री क्षेत्र में भी अमेरिकी जहाजों और दूसरे टैंकरों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इससे खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सुरक्षा चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
संघर्ष बढ़ने का खतरा
अमेरिका और ईरान के बीच यह कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई अब एक ऐसे दौर में पहुंच गई है, जहां किसी भी नए हमले से संघर्ष और ज्यादा व्यापक हो सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है।
ईरान ने समुद्री क्षेत्र में नया “एक्सक्लूजन जोन” बनाने की चेतावनी भी दी है, जबकि अमेरिका क्षेत्र में अपने सैन्य और समुद्री अभियानों को जारी रखे हुए है।