ई-कॉमर्स दिग्गज स्नैपडील ने लॉन्च किया 'प्रोजेक्ट गति': 45 दिवसीय एक्सेलरेशन प्रोग्राम और जीरो-कमीशन मॉडल से त्योहारों से पहले विक्रेताओं को मिलेगी बड़ी ताकत
जयपुर: भारत के ई-कॉमर्स विन्यास को एक नया रणनीतिक मोड़ देते हुए वैल्यू-फोर्स्ड मार्केटप्लेस स्नैपडील ने घरेलू व्यापारिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपने नए 45 दिवसीय एक्सेलरेशन प्रोग्राम 'प्रोजेक्ट गति' (Project Gati) को मुस्तैद करने का ऐलान किया है। स्नैपडील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अचिंत सेतिया ने सोमवार (13 जुलाई 2026) को जयपुर में मीडिया विलेख जारी करते हुए बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारी सीजन से पहले नए क्षेत्रीय विक्रेताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स, व्यापक ऑपरेशनल सपोर्ट और फास्ट पेमेंट साइकल का अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करना है। इसके साथ ही कंपनी का जीरो-कमीशन मॉडल भी छोटे उद्यमियों की सांख्यिकी कमाई बढ़ाने में विखंडनकारी साबित हो रहा है।
इस व्यापारिक लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास के नियमों पर गौर करें तो राजस्थान में स्नैपडील से जुड़ने वाले विक्रेताओं की संख्या में पिछले एक वर्ष के भीतर लगभग सौ प्रतिशत का कड़ा उछाल दर्ज किया गया है। जयपुर महिलाओं के एथनिक वियर, ब्लॉक-प्रिंटेड टेक्सटाइल, ब्लू पॉटरी, होम डेकोर और पारंपरिक रज़ाइयों के निर्माण का एक वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। इसके अतिरिक्त भीलवाड़ा, पाली और टोंक जैसे शहरों के उद्यमी भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कूटनीतिक रूप से अपना व्यापार फैला रहे हैं। अगस्त में रक्षाबंधन से शुरू होकर नए साल तक चलने वाले इस लंबे शॉपिंग फेस्टिवल के दौरान आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले किसी भी पुराने विवाद को समाप्त करने के लिए यह विधिक प्रशिक्षण प्रोग्राम अत्यधिक प्रभावी सिद्ध होगा।
कंपनी के नियमों के अनुसार, प्रोजेक्ट गति के तहत विक्रेताओं को डिजिटल इन्वेंट्री मैनेजमेंट और डेटा एनालिटिक्स के विखंडनकारी उपयोग के लिए विधिक रूप से तैयार किया जाएगा। यह तकनीकी समावेशन न केवल आपूर्ति श्रृंखला के लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाएगा, बल्कि उत्पादकता मानकों को भी वैश्विक स्तर पर मुस्तैद करेगा। खेल अब पूरी तरह से इस 45 दिनों के दौरान होने वाले व्यापक डिजिटल कायाकल्प और त्योहारी सीजन के दौरान देश भर से आने वाली भारी उपभोक्ता मांग के विधिक नियमों पर टिका है, जो भारत के क्षेत्रीय विनिर्माण की नई दिशा तय करेगा।