महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी का हमला, 6 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर उठाए सवाल
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों की परेशानियों का मुद्दा उठाया और सरकार से जवाब मांगा।
राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र TET का पेपर लीक हुआ, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि करीब 6 लाख अभ्यर्थी अब अनिश्चितता की स्थिति में हैं और परीक्षा रद्द हुए दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी नई तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वाले लोग खुले घूम रहे हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। राहुल गांधी ने अभ्यर्थियों को देश के भविष्य के शिक्षक बताते हुए कहा कि उनके हाथों में आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है।
अभ्यर्थियों के संघर्ष का किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये वही अभ्यर्थी हैं जिन्होंने वर्षों तक तैयारी की, परीक्षा फॉर्म भरे, फीस जमा की और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। अब वे बिना किसी स्पष्ट जानकारी के सिर्फ नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को उन छात्रों के हितों की रक्षा करनी चाहिए, जिनकी मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण प्रभावित हुई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांगा जवाब
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तीन प्रमुख सवालों के जवाब मांगे हैं।
1. समय-सीमा:
उन्होंने मांग की कि TET की नई परीक्षा तारीख तुरंत घोषित की जाए, ताकि अभ्यर्थियों की अनिश्चितता खत्म हो सके।
2. जवाबदेही:
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, न कि उन अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़े जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की है।
3. भविष्य की सुरक्षा:
उन्होंने मांग की कि जिन अभ्यर्थियों का एक साल पेपर लीक के कारण प्रभावित हुआ है, उन्हें उम्र सीमा में छूट दी जानी चाहिए।
17 जुलाई को देहरादून में करेंगे बात
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून में इस मुद्दे पर बात करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि वह परीक्षा व्यवस्था, युवाओं के रोजगार और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर अपनी बात रखेंगे।
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं प्रशासन के सामने परीक्षा प्रक्रिया को दोबारा व्यवस्थित तरीके से कराने और प्रभावित अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने की चुनौती है।