ATM Cash Shortage: चार राज्यों में ATM सेवाएं प्रभावित, Cash Logistics कंपनियों ने रोका कैश सप्लाई ऑपरेशन
देश के चार राज्यों में सोमवार को ATM सेवाओं पर असर देखने को मिला। Delhi, Karnataka, Haryana और Uttar Pradesh में कई जगहों पर ATM में कैश भरने (Cash Replenishment) और उससे जुड़ी सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं। रिपोर्ट के अनुसार, Cash Management and Logistics Companies ने बढ़ती लागत और पुराने कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव की मांग को लेकर यह कदम उठाया।
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, Labour Cost और Fuel Cost में लगातार बढ़ोतरी के कारण मौजूदा सर्विस कॉन्ट्रैक्ट कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं रह गए हैं। कैश सप्लाई का नियमित चक्र रुकने से कुछ इलाकों में ATM में कैश उपलब्धता पर असर पड़ा और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार से सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद
हालांकि, इंडस्ट्री अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार से कैश लॉजिस्टिक्स सेवाएं दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। कई Private Sector Banks ने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों पर फिर से बातचीत और सर्विस फीस में बदलाव के संकेत दिए हैं।
कैश लॉजिस्टिक्स कंपनियों के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्राइवेट बैंकों की ओर से सकारात्मक पहल के बाद इंडस्ट्री ने काम दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई है। हालांकि, Public Sector Banks की ओर से अभी तक कीमतों और सर्विस चार्ज को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बनी है।
सरकारी बैंकों के ATM पर बढ़ सकता है दबाव
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो सरकारी बैंकों द्वारा संचालित ATM नेटवर्क पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। खासकर Tier-2 और Tier-3 Cities में, जहां पब्लिक सेक्टर बैंकों की मौजूदगी ज्यादा है, वहां कैश उपलब्धता की समस्या बढ़ सकती है।
मजदूरी लागत में 40-50 फीसदी बढ़ोतरी
कैश लॉजिस्टिक्स सेक्टर लंबे समय से बढ़ती परिचालन लागत (Operational Cost) से जूझ रहा है। इंडस्ट्री अधिकारियों के मुताबिक, पिछले एक साल में मजदूरी खर्च में लगभग 40 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने भी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ाया है।
इंडस्ट्री का अनुमान है कि इस क्षेत्र को अब तक 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। कंपनियां बैंकों से इस नुकसान की भरपाई और सर्विस फीस में संशोधन की मांग कर रही हैं।
पुराने कॉन्ट्रैक्ट बने बड़ी समस्या
कैश मैनेजमेंट कंपनियों का कहना है कि कई ATM सर्विस कॉन्ट्रैक्ट कई साल पहले तय किए गए थे। उस समय की लागत और मौजूदा खर्चों में काफी अंतर आ चुका है। ऐसे में पुराने भुगतान मॉडल के आधार पर ATM नेटवर्क चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
कंपनियों के अनुसार, यह समस्या ATM की मांग या इस्तेमाल से जुड़ी नहीं है, बल्कि पूरे Cash Logistics Ecosystem के आर्थिक मॉडल से जुड़ी है। यदि कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव नहीं किया गया तो भविष्य में कैश सप्लाई ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं।
RBI और SBI को पहले दी गई थी चेतावनी
इंडस्ट्री ने पिछले महीने ही Reserve Bank of India (RBI) और State Bank of India (SBI) को ATM सेक्टर पर बढ़ते वित्तीय दबाव की जानकारी दी थी। कंपनियों ने चेतावनी दी थी कि बढ़ती लागत, घटते ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और संचालन खर्च के कारण कई ATM नेटवर्क अब लाभ की स्थिति से नीचे जा रहे हैं।