जलमार्ग से बड़े हमले की साजिश: भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत के सख्त रुख के बाद सीमा पार से बौखलाहट साफ दिखने लगी है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) अब जलमार्ग के जरिए भारत में बड़े आतंकी हमले करने की साजिश रच रहा है। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि इसके लिए लश्कर ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के मंगला डैम इलाके में अपने कैडरों को विशेष समुद्री और जलीय ऑपरेशन की ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है।
खुफिया एजेंसियों के हाथ लगे इनपुट के मुताबिक, लश्कर के एक वरिष्ठ कमांडर हारिस दार (Haris Dar) ने हाल ही में एक ट्रेनिंग कैंप में आतंकियों को संबोधित किया। उसने बताया कि आतंकियों का 10 दिनों का बुनियादी जल-कोर्स पूरा हो चुका है और अब मंगला डैम में उनका एडवांस लेवल का प्रशिक्षण शुरू होगा। दार ने अपने संबोधन में साफ तौर पर कहा कि पानी को लेकर भारत के साथ उनका पुराना विवाद है, और आगामी समय में वे पानी के रास्ते भारत को निशाना बना सकते हैं।
सुरक्षा बलों की बढ़ी चौकसी
सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि जमीन पर कड़ी चौकसी और घुसपैठ रोधी ग्रिड मजबूत होने के कारण आतंकी संगठन अब नदियों, बांधों और अन्य जलमार्गों का उपयोग कर भारतीय सीमा में प्रवेश करने की फिराक में हैं। मंगला डैम का इतिहास पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है; 26/11 मुंबई हमले के आतंकियों को भी इसी तरह के पानी से जुड़े ऑपरेशन्स की ट्रेनिंग दी गई थी।
इस नई चुनौती को देखते हुए भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। सीमावर्ती नदियों, नहरों और संदिग्ध जल निकायों के आसपास निगरानी को कड़ा कर दिया गया है। सीमा पार चल रहे आतंकी कैंपों और उनके जलीय ट्रेनिंग मॉड्यूल पर तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र के जरिए लगातार पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी नापाक कोशिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।