देश के दुपहिया वाहन बाजार में जुलाई के दौरान सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। प्रमुख वाहन कंपनियों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज होने से ऑटोमोबाइल उद्योग में मांग मजबूत होने के संकेत मिले हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर मानसून, ग्रामीण बाजारों में बढ़ती खरीदारी, त्योहारी सीजन की तैयारी और आसान फाइनेंस विकल्पों ने दोपहिया वाहनों की बिक्री को नई गति दी है।
जुलाई में कई प्रमुख कंपनियों ने घरेलू बाजार में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों श्रेणियों में ग्राहकों की मांग बढ़ी, जबकि प्रीमियम बाइक्स और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी तेजी देखने को मिली। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उपभोक्ता अब पारंपरिक और इलेक्ट्रिक दोनों प्रकार के वाहनों की ओर समान रूप से रुचि दिखा रहे हैं।
ऑटो सेक्टर के जानकारों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों में सुधार और अच्छी बारिश से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है, जिसका सीधा असर दोपहिया वाहनों की मांग पर पड़ा है। वहीं शहरी बाजारों में भी नए मॉडल, आकर्षक ऑफर और आसान ईएमआई योजनाओं ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया। कंपनियां भी त्योहारी सीजन को देखते हुए उत्पादन और डीलर नेटवर्क को मजबूत करने में जुटी हैं।
निर्यात के मोर्चे पर कुछ कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन घरेलू बाजार की मजबूत मांग ने कुल बिक्री को बेहतर बनाए रखा। इलेक्ट्रिक वाहन खंड में भी लगातार विस्तार देखने को मिल रहा है और कई कंपनियां इस क्षेत्र में नए उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की ईवी नीति और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से आने वाले समय में इस श्रेणी की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है।
ऑटो उद्योग से जुड़े विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि आर्थिक गतिविधियां इसी तरह मजबूत बनी रहती हैं और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ती है, तो आने वाले महीनों में दुपहिया वाहन उद्योग बेहतर विकास दर दर्ज कर सकता है। इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ-साथ रोजगार और सहायक उद्योगों को भी सकारात्मक लाभ मिलने की संभावना है।