भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट बुधवार को और तेज हो गई। इस बार बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव IT सेक्टर की ओर से देखने को मिला। अमेरिकी प्रशासन की ओर से दुनिया की बड़ी IT कंपनियों में शामिल Cognizant की Permanent Labor Certification यानी PERM फाइलिंग को सस्पेंड किए जाने की खबर के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
इस घटनाक्रम से भारतीय IT कंपनियों के अमेरिकी कारोबार और वहां विदेशी कर्मचारियों से जुड़े नियमों को लेकर नए सवाल खड़े हो गए। इसका सीधा असर शेयर बाजार में IT Stocks पर दिखाई दिया। बुधवार की बिकवाली में देश की प्रमुख IT कंपनियों की मार्केट वैल्यू से करीब 55 हजार करोड़ रुपये कम हो गए।
Infosys के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
IT सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में Infosys के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए। कंपनी के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Tech Mahindra, HCL Technologies और Persistent Systems के शेयर भी करीब 3 फीसदी तक टूटे।
वहीं TCS, Mphasis, Wipro और LTIMindtree के शेयरों में भी लगभग 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। IT कंपनियों के शेयरों में एक साथ आई इस बिकवाली ने पूरे बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला।
निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका में वीजा और विदेशी कर्मचारियों से जुड़े नियमों को लेकर सख्ती बढ़ती है तो भारतीय IT कंपनियों की लागत, कर्मचारी तैनाती और अमेरिकी कारोबार पर असर पड़ सकता है।
Cognizant की PERM फाइलिंग क्यों हुई सस्पेंड?
अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट की ओर से Cognizant की Permanent Labor Certification Program के तहत फाइलिंग को सस्पेंड किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया। PERM प्रक्रिया उन नियोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होती है, जो रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करना चाहते हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कथित धोखाधड़ी और अमेरिकी कर्मचारियों को संभावित नुकसान से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल Anthony D’Esposito ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए Cognizant की PERM फाइलिंग सस्पेंड किए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कर्मचारियों के लिए खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर तथ्यों, कथित धोखाधड़ी और वित्तीय मामलों की जांच की जा रही है।
भारतीय IT कंपनियों पर क्यों पड़ा असर?
भारतीय IT कंपनियों के लिए अमेरिका सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। बड़ी संख्या में भारतीय IT कंपनियां अमेरिकी क्लाइंट्स को सेवाएं देती हैं और जरूरत के मुताबिक विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में तैनात भी करती हैं। ऐसे में अमेरिकी वीजा नियमों और विदेशी कर्मचारियों से जुड़े किसी भी बड़े बदलाव का असर इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और लागत पर पड़ सकता है।
यही वजह है कि Cognizant से जुड़ी खबर के बाद निवेशकों ने भारतीय IT Stocks में तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी। फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम और जांच से जुड़ी आगे की जानकारी पर रहेगी।
अगर अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों और वीजा नियमों को लेकर सख्ती बढ़ती है, तो भारतीय IT कंपनियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण जोखिम बन सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक वित्तीय असर जांच और नीतिगत फैसलों की दिशा स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगा।