हनुमान अंश में गोपाल दास बहेलिया का किरदार निभाने वाले अभिनेता भगवान दास पटेल के लिए यह फिल्म सिर्फ एक अभिनय का अनुभव नहींरही। होम बॉलीवुड के साथ खास बातचीत में उन्होंने बताया कि इस फिल्म के सफर ने उनकी सोच और जिंदगी को भी कहीं न कहीं प्रभावित किया।
भगवान दास ने बताया कि फिल्म से जुड़ने से पहले भी उनकी नीम करोली बाबा में आस्था थी, लेकिन वह बाबा को बहुत गहराई से नहीं जानते थे।फिल्म पर काम करने के दौरान उन्हें बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं को करीब से समझने का मौका मिला।
गोपाल दास बहेलिया के किरदार से उनका जुड़ाव भी खास रहा। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अभिनेता महेंद्र श्रीवास ने इस रोल के लिए उनका नामसुझाया था। उन्होंने कहा था, “जैसे तुम हो, वैसे ही गोपाल है।”
लेकिन फिल्म का असर सिर्फ पर्दे पर निभाए गए किरदार तक सीमित नहीं रहा। जब उनसे पूछा गया कि इस पूरे अनुभव के बाद उन्होंने खुद में क्याबदलाव महसूस किया, तो उन्होंने कहा, “थोड़ा सा शांत हो गया हूँ।”
भगवान दास ने बताया कि अब उनके अंदर दूसरों की मदद करने की इच्छा पहले से ज्यादा बढ़ी है। किसी को अपना समय देना हो, किसी के कामआना हो या जरूरत पड़ने पर आर्थिक मदद करनी हो, वह अपनी क्षमता के अनुसार मदद करना चाहते हैं।
बातचीत के दौरान उन्होंने नीम करोली बाबा की सादगी भरी सोच का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इंसान के पास जितना होता है, कई बार वहउससे संतुष्ट नहीं होता और लगातार कुछ और पाने की चाह में लगा रहता है।
शायद इसी सोच ने भगवान दास को भी अपने जीवन को थोड़ा अलग नजरिए से देखने पर मजबूर किया। गोपाल दास बहेलिया का किरदार निभाते हुए उन्होंने न सिर्फ एक कहानी को पर्दे पर उतारा, बल्कि इस सफर से मिली सीख को अपनी असल जिंदगी में भी महसूस किया और शायद यहीहनुमान अंश का उनके लिए सबसे खास हिस्सा है।