हनुमान अंश में पार्वती माई का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री नेहा परांजपे ने शूटिंग के दौरान एक ऐसा अनुभव किया, जिसने उन्हें अपने काम औरलगातार नए मौके तलाशने की चाह पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया। होम बॉलीवुड के साथ खास बातचीत में नेहा ने बताया कि इस दौरानउन्हें ऐहसास हुआ कि लालच हमेशा पैसों का नहीं होता।
चित्रकूट में फिल्म की शूटिंग के साथ-साथ नेहा एक मराठी सीरियल के लिए भी कोशिश कर रही थीं। वह करीब डेढ़ महीने से उस प्रोजेक्ट के लुकटेस्ट की तैयारी कर रही थीं और प्रोडक्शन टीम के संपर्क में थीं। लुक टेस्ट देने के लिए वह चित्रकूट से मुंबई भी आईं।
हालांकि, लुक टेस्ट के दो-तीन दिन बाद उन्हें बताया गया कि वह उस किरदार के लिए सही नहीं लग रही हैं और उन्हें यह रोल नहीं मिला।
इस अनुभव ने नेहा को अपने फैसले पर दोबारा सोचने का मौका दिया। उन्हें लगा कि शायद एक काम के साथ-साथ दूसरे प्रोजेक्ट की तलाश करनाभी एक तरह का लालच था-पैसों का नहीं, बल्कि लगातार नए मौकों की चाह का।
हालांकि, नेहा ने यह नहीं कहा कि दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध था। लेकिन इस पूरे अनुभव ने उन्हें अपनी प्राथमिकताओं और काम करनेके तरीके पर जरूर सोचने पर मजबूर किया।
उनकी सीख बेहद सीधी थी—“एक बार में एक ही काम करो।”
नेहा के मुताबिक, हर मौके को एक साथ पाने की कोशिश करने के बजाय उस काम पर पूरा ध्यान देना ज्यादा जरूरी है, जो इस वक्त आपके हाथ मेंहै। उनके लिए यह सिर्फ एक लुक टेस्ट या एक रोल के हाथ से निकल जाने की बात नहीं थी, बल्कि अपनी महत्वाकांक्षाओं को थोड़ा ठहर कर देखने का मौका भी था।
कभी-कभी कोई मौका न मिलना भी हमें कुछ सिखा जाता है। नेहा के लिए इस अनुभव की सबसे बड़ी सीख शायद यही रही कि हर नए अवसर केपीछे भागने से ज्यादा जरूरी है, जो काम सामने है उसे पूरी तरह अपना समय और ध्यान देना।