बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के एक निजी मेडिकल कॉलेज में 40 वर्षीय यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। डॉक्टर अस्पताल परिसर में मिले आवास में अकेले रहते थे। पुलिस को शुरुआती जांच में शक है कि उन्होंने खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या की है। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।
पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर ने शनिवार को अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को देखा था और इसके बाद कैंपस स्थित अपने कमरे में चले गए। बताया जा रहा है कि बाद में उन्होंने फोन पर पत्नी से बात की थी, जिसके दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ। डॉक्टर आमतौर पर अस्पताल की कैंटीन में खाना खाते थे। उस रात जब वह खाना खाने नहीं पहुंचे तो सुरक्षा गार्ड को चिंता हुई और उसने अस्पताल के दूसरे कर्मचारियों को जानकारी दी।
इसके बाद साथी डॉक्टरों ने उन्हें फोन किया और कमरे का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर डॉक्टर बिस्तर पर पड़े दिखाई दिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे में डॉक्टर का शव बिस्तर पर मिला और पास में एक इंजेक्शन और मोबाइल फोन पड़ा था। पुलिस ने मौके से मिले इन सामानों को अपने कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच में जहरीला पदार्थ इंजेक्शन के जरिए लेने की आशंका जताई गई है।
पुलिस फिलहाल डॉक्टर की मौत के पीछे पारिवारिक विवाद की संभावना भी जांच रही है। अस्पताल के कुछ सहयोगियों ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों से डॉक्टर परेशान नजर आ रहे थे और उनके व्यवहार में भी बदलाव आया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग बिहार से वाराणसी पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की सही वजह और परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।