स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में चल रही उच्च स्तरीय अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के एक वरिष्ठ सदस्य और विख्यात अर्थशास्त्री हुसैन गोरबानजादेह ने आधिकारिक कूटनीतिक दावा किया है कि ईरानी कच्चे तेल और उससे जुड़े पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगे कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों से अस्थायी छूट देने संबंधी व्यापक मसौदा समझौते (Draft Agreement) को पूरी तरह अंतिम रूप दे दिया गया है। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, इस कूटनीतिक छूट का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई चेन को फिर से सुचारू करना है, जिसे बहुत जल्द दोनों देशों की सहमति से विधिक रूप से लागू किया जाएगा।
गोरबानजादेह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कड़े विचार-विमर्श का मुख्य फोकस समझौता ज्ञापन (MoU) की धारा-13 को धरातल पर क्रियान्वित करना है। इस विखंडन प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए ईरान ने पांच प्रमुख रणनीतिक बिंदु तय किए हैं, जिनमें सभी मोर्चों पर तत्काल युद्ध की समाप्ति, आर्थिक घेराबंदी को पूरी तरह हटाना, सामरिक जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से खोलना, तेल प्रतिबंधों में कूटनीतिक छूट और विभिन्न विदेशी बैंकों में जब्त की गई ईरान की विशाल वित्तीय संपत्तियों की विधिक रिहाई शामिल है।
हालांकि, ईरानी वार्ताकार ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए यह भी साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान सीमा पर जारी भीषण युद्ध को रोकने का विखंडन मुद्दा पूरी तरह हल नहीं हो जाता, तब तक इस कूटनीतिक समझौते के अन्य प्रावधानों को अमलीजामा नहीं पहनाया जाएगा। यह कूटनीतिक प्रगति ऐसे समय में आई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था तेल संकट के कड़े दबाव से जूझ रही है, और यह मसौदा अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए एक विलेख टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।