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सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर ईरानी मीडिया की तीखी और विवादित प्रतिक्रिया: 'हमशहरी' अखबार ने डोनाल्ड ट्रंप को दी 'अचानक मौत' की चेतावनी

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Posted On:Monday, July 13, 2026

सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर ईरानी मीडिया की तीखी और विवादित प्रतिक्रिया: 'हमशहरी' अखबार ने डोनाल्ड ट्रंप को दी 'अचानक मौत' की चेतावनी

अमेरिका के वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम के आकस्मिक निधन के बाद पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक विन्यास में एक नया विवाद मुस्तैद हो गया है। ग्राहम की मौत को लेकर ईरानी मीडिया और प्रमुख अखबारों ने बेहद आक्रामक, तीखी और कूटनीतिक रूप से विवादित प्रतिक्रियाएं दी हैं। तेहरान से संचालित होने वाले कट्टरपंथी और नगर पालिका समर्थित प्रमुख ईरानी अखबार 'हमशहरी' ने अपने फ्रंट पेज पर एक सनसनीखेज सचित्र विलेख पब्लिश किया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को घुटनों के बल बैठे दिखाया गया है। इस तस्वीर के साथ लगी मुख्य हेडिंग का विधिक मतलब "अचानक मौत के लिए तैयार रहें" के रूप में सामने आया है, जिसने वाशिंगटन और तेहरान के पुराने विवादों को फिर से हवा दे दी है।

इस सांख्यिकी कवरेज के प्रशासनिक नियमों और मीडिया रिपोर्टों पर गौर करें तो 'हमशहरी' ने ट्रंप के अलावा दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और कई अन्य वरिष्ठ अमेरिकी व इजरायली अधिकारियों की तस्वीरें भी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर पब्लिश की हैं। इसी तरह, एक अन्य प्रमुख ईरानी दैनिक 'वतन-ए-इमरूज' ने अपने 13 जुलाई 2026 के संस्करण में ग्राहम को "मौत का सौदागर" (Merchant of Death) करार देते हुए उनके निधन को प्रमुखता से छापा है। अखबार ने उन्हें अमेरिका की कड़े स्तर वाली ईरान-विरोधी नीतियों का मुख्य सूत्रधार बताया है। इसके अतिरिक्त, ईरानी सरकारी टेलीविजन के एक लाइव न्यूजकास्टर ने ऑन-एयर टिप्पणी करते हुए ईरानी आवाम को इस बात की बधाई तक दे डाली कि ईरान विरोधी सीनेटर को 'नरक' भेज दिया गया है।

तेहरान की इस अप्रत्याशित बयानबाजी के बाद अमेरिका के भीतर, विशेष रूप से दक्षिणपंथी और 'मागा' (MAGA) समर्थक गुटों के लॉजिस्टिक्स में कई तरह की साजिशी थ्योरी और अटकलें मुस्तैद हो गई हैं। कई अमेरिकी समूहों ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा पूर्व में ग्राहम को दी गई जान से मारने की धमकियों का हवाला देते हुए इस मौत की पूरी विधिक और सांख्यिकी जांच की मांग की है। हालांकि, वर्तमान विलेखों के अनुसार सार्वजनिक तौर पर ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है जो ग्राहम की अचानक बीमारी से हुई मृत्यु को किसी विदेशी साजिश या सुरक्षा कवच के उल्लंघन से जोड़ता हो। खेल अब पूरी तरह से दोनों देशों के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी हालिया सैन्य गतिरोध और इस नई बयानबाजी के बाद उपजे कूटनीतिक नियमों पर टिका है।


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