महाराष्ट्र की सियासत में नया भूचाल: नितिन गडकरी को लेकर संजय राउत का बड़ा दावा, कहा— 'पीएम पद के मजबूत दावेदार हैं गडकरी, भाजपा के ही लोग कर रहे बदनाम'
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों और राष्ट्रीय सत्ता के लॉजिस्टिक्स में शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत के एक नए बयान ने विखंडनकारी भूचाल ला दिया है। शुक्रवार को मुंबई में पत्रकारों से विधिक बातचीत करते हुए संजय राउत ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की राजनीतिक स्थिति और उनके सुरक्षा कवच को लेकर एक बेहद कड़ा और कूटनीतिक दावा किया है। राउत के नियमों और विश्लेषण के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी देश के अगले प्रधानमंत्री पद के लिए एक बेहद मजबूत और प्रामाणिक दावेदार के रूप में मुस्तैद हैं। यही कारण है कि उनकी इस बढ़ती लोकप्रियता और प्रशासनिक साख को कमजोर करने के लिए उनके पुराने विवादों से इतर खुद उनकी अपनी ही पार्टी, यानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर एक बड़ा सांगठनिक विन्यास काम कर रहा है।
संजय राउत ने इस इंफ्रास्ट्रक्चर पर कड़ा प्रहार करते हुए साफ शब्दों में कहा कि गडकरी को लेकर जनता और मीडिया के बीच जो भी भ्रम फैलाया जा रहा है, उसके पीछे कोई बाहरी राजनीतिक ताकत या विपक्षी दल शामिल नहीं हैं। इसके विपरीत, भाजपा के ही कुछ बेहद कड़क और बड़े नेता उन्हें किसी न किसी तरह से एक विखंडनकारी सांगठनिक जाल में फंसाना चाहते हैं। राउत के विलेखों के मुताबिक, यह पूरा आंतरिक विरोध केवल गडकरी की बेदाग छवि को नुकसान पहुंचाने के नियमों के तहत तैयार किया गया है ताकि शीर्ष नेतृत्व की दौड़ में उन्हें पीछे धकेला जा सके।
खेल अब केवल बयानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सांख्यिकी दावे के बाद राष्ट्रीय राजनीति के आंतरिक लॉजिस्टिक्स में नए समीकरण मुस्तैद हो सकते हैं। संजय राउत ने स्पष्ट किया कि गडकरी का विकासवादी ढांचा और काम करने के नियम उन्हें विपक्ष के बीच भी लोकप्रिय बनाते हैं, जिसके कारण उनकी खुद की पार्टी के कुछ धड़े इस अभूतपूर्व कूटनीतिक उभार से विधिक रूप से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और लगातार उन्हें आंतरिक रूप से निशाना बनाने की कड़ाई से कोशिश कर रहे हैं।