नई दिल्ली: देश की औद्योगिक प्रगति को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा आर्थिक कदम उठाने जा रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) का आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) आगामी 20 जुलाई 2026 को प्रमुख उद्योगों के लिए नई संशोधित कोर उत्पादन सूचकांक (ICI) श्रृंखला जारी करेगा। इस नई आर्थिक श्रृंखला की सबसे खास बात यह है कि अब इसका तुलनात्मक आधार वर्ष (Base Year) पुराना 2011-12 बदलकर 2022-23 कर दिया गया है, जिससे देश के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप ढाला जा सके।
मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नई सूचकांक श्रृंखला में अब आठ के स्थान पर कुल नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों (कोर सेक्टर्स) के उत्पादन डेटा को शामिल किया जाएगा। देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान और व्यापक उपयोग को देखते हुए इस बार 'लौह अयस्क' (Iron Ore) को नौवें प्रमुख उद्योग के रूप में इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। सोमवार को जारी होने वाली इस संशोधित मासिक रिपोर्ट में चालू वर्ष के जून महीने के अनंतिम (प्रॉविजनल) आंकड़ों के साथ-साथ अप्रैल 2023 से मई 2026 तक की पिछली 38 महीनों की अवधि का व्यापक संशोधित डेटा भी देश के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के भारांकों (वेटेज) का उपयोग किया गया है, जिसे आनुपातिक आधार पर पुनर्वितरित कर कुल 100 किया गया है। इसके अलावा, दोहरी गणना (डबल काउंटिंग) की विसंगति को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोयला क्षेत्र में अब केवल कच्चे कोयले को शामिल किया गया है, जबकि रिफाइनिंग के बाद मिलने वाले मध्यम श्रेणी और धुले हुए कोयले को इससे बाहर रखा गया है। साथ ही, स्टील इंडेक्स के संकलन के लिए अब शुद्ध उत्पादन के बजाय सकल उत्पादन (ग्रॉस प्रोडक्शन) डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा, जो देश की वास्तविक आर्थिक क्षमता की सटीक तस्वीर पेश करेगा।