आज के डिजिटल युग में घंटों तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या कभी आपने गौर किया है कि लगातार चैटिंग करने, रील्स स्क्रॉल करने या लंबे समय तक फोन पकड़ने की वजह से आपके अंगूठे या कलाई में हल्का दर्द या अकड़न होने लगती है? चिकित्सा की भाषा में इस समस्या को 'टेक्स्टिंग थम्ब' (Texting Thumb) या 'स्मार्टफोन थम्ब' कहा जाता है।
चिकित्सकों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारे अंगूठे की बनावट मोबाइल स्क्रीन पर लगातार होने वाली छोटी और एक जैसी हरकतों (repetitive movements) के लिए नहीं बनी है। लगातार टाइपिंग और स्वाइपिंग करने से अंगूठे की मांसपेशियों और टेंडन्स (tendons - मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने वाले ऊतक) पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे उनमें सूजन आ जाती है। यदि लंबे समय तक इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और आगे चलकर कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal Tunnel Syndrome) या अंगूठे के गठिया (Arthritis) का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आज के स्मार्टफोन पहले की तुलना में काफी बड़े और भारी हो गए हैं। सिर्फ चैटिंग ही नहीं, बल्कि घंटों तक बिना रुके रील या सोशल मीडिया फीड्स स्क्रॉल करने (doomscrolling) से हाथों की मुद्रा (posture) लंबे समय तक एक जैसी ही लॉक रहती है, जो दर्द को और बढ़ा देती है।
'टेक्स्टिंग थम्ब' से बचने और राहत पाने के आसान उपाय
यदि आप भी इस तरह के दर्द का सामना कर रहे हैं, तो अपने गैजेट्स छोड़ने के बजाय इन आसान बदलावों को अपनी आदत में शामिल कर सकते हैं:
- पोस्चर (मुद्रा) बदलें और उंगलियों को बदल-बदल कर इस्तेमाल करें: हर बार फोन चलाने के लिए अपने मुख्य अंगूठे का ही इस्तेमाल न करें। टाइपिंग या स्क्रॉलिंग के लिए दूसरी उंगली (इंडेक्स फिंगर) का उपयोग करें या दोनों हाथों के अंगूठों का बारी-बारी से इस्तेमाल करें।
- वॉयस-टू-टेक्स्ट (Voice-to-Text) का उपयोग करें: लंबे मैसेज टाइप करने के बजाय अपने फोन में मौजूद डिक्टेशन या माइक बटन का उपयोग करें। बोलकर टाइप करने से आपके अंगूठे को काफी आराम मिलेगा।
- फोन एक्सेसरीज की मदद लें: अपने फोन के पीछे रिंग होल्डर, पॉप-सॉकेट या कोलैप्सिबल टैब लगाएं। इससे आपके फोन की ग्रिप बेहतर होती है और फोन का पूरा वजन केवल अंगूठे और कलाई पर आने के बजाय हथेली और बाकी उंगलियों में बंट जाता है।
- स्क्रीन टाइम को छोटे हिस्सों में बांटें: लगातार कई घंटों तक स्क्रीन से चिपके रहने के बजाय हर 20-30 मिनट में छोटा ब्रेक लें। अपने फोन को थोड़ी देर साइड में रखकर 'डिजिटल डिटॉक्स' करें।
- हल्की स्ट्रेचिंग करें: जब भी ब्रेक लें, अपने हाथों और उंगलियों को थोड़ा स्ट्रेच करें। अपने अंगूठे को हल्के हाथ से पीछे की तरफ खींचकर 5-10 सेकंड रखें या अपनी कलाई को गोल-गोल घुमाएं। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और अकड़न दूर होती है।
- बर्फ की सिकाई या जेल का उपयोग: यदि दर्द या सूजन ज्यादा महसूस हो रही हो, तो प्रभावित हिस्से पर 10-15 मिनट के लिए आइस पैक (बर्फ) से सिकाई करें। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से कोई भी ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक जेल (जैसे डाइक्लोफेनाक जेल) लगा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह छोड़ना तो संभव नहीं है, लेकिन थोड़े से एहतियात और सही आदतों को अपनाकर हम अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाए बिना इनका सुरक्षित उपयोग कर सकते हैं।