लंदन: ऑल इंग्लैंड क्लब के प्रतिष्ठित सेंटर कोर्ट पर टेनिस प्रशंसकों को एक नया विन्यास और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां चीन की गुओ हान्यू और फ्रांस की क्रिस्टीना म्लादेनोविच की दसवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विंबलडन 2026 का महिला युगल खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को खेले गए एक बेहद कड़े और सांख्यिकी रूप से महत्वपूर्ण फाइनल मैच में इस इंडो-यूरोपीय और एशियाई संयोजन ने दूसरी वरीयता प्राप्त कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोवस्की और ब्राजील की लुइसा स्टेफनी की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-3, 7-5 से परास्त किया। 1 घंटा 32 मिनट तक चले इस कूटनीतिक मुकाबले के नियमों के तहत गुओ और म्लादेनोविच की जोड़ी ने अपनी अचूक सर्विस और शानदार नेट प्ले से प्रतिद्वंद्वियों के डिफेंसिव इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह विखंडित कर दिया।
इस ऐतिहासिक मुकाबले के सांख्यिकी कालक्रम और खेल विलेखों पर गौर करें तो चीनी खिलाड़ी गुओ हान्यू के करियर का यह पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था, जिसे उन्होंने अपने मुस्तैद सुरक्षा कवच और बेहतरीन ग्राउंडस्ट्रोक के दम पर यादगार खिताबी जीत में बदल दिया। वहीं, दूसरी ओर युगल रैंकिंग में पूर्व वर्ल्ड नंबर वन रह चुकीं फ्रांस की क्रिस्टीना म्लादेनोविच के करियर का यह सातवां महिला युगल और कुल मिलाकर 10वां बड़ा ग्रैंड स्लैम खिताब है। वर्ष 1937 के बाद ऑल इंग्लैंड क्लब में महिला युगल की ट्रॉफी उठाने वाली म्लादेनोविच पहली फ्रांसीसी महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिससे इस जोड़ी का पुराना विवाद और रैंकिंग संकट पूरी तरह समाप्त हो गया है। साल 2026 में ऑकलैंड में एक साथ सफर शुरू करने वाली इस जोड़ी की यह इस सीजन की दूसरी बड़ी मुस्तैद खिताबी सफलता है।
मैच के बाद म्लादेनोविच ने भावुक होते हुए कहा कि पिछले साल लगी गंभीर चोट के कारण जब वे बिना किसी सांख्यिकी रैंकिंग के टेनिस कोर्ट पर वापसी करने के कड़े लॉजिस्टिक्स से जूझ रही थीं, तब गुओ ने बिना किसी हिचकिचाहट के उन पर भरोसा जताया। खेल अब पूरी तरह से इस नई चैंपियन जोड़ी के विखंडनकारी और मजबूत विन्यास के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिसके कारण पीआईएफ डब्ल्यूटीए (PIF WTA) युगल रैंकिंग में गुओ हान्यू ने पहली बार टॉप-10 में मुस्तैद प्रवेश करते हुए वर्ल्ड नंबर 9 का सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल कर लिया है, जबकि म्लादेनोविच भी छलांग लगाकर 13वें पायदान पर विधिक रूप से काबिज हो गई हैं।