मुंबई: भारतीय पूंजी बाजार और कॉर्पोरेट जगत के इतिहास में आज का दिन एक युगांतरकारी विलेख मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले दिग्गज माइनिंग और मेटल समूह 'वेदांता लिमिटेड' (Vedanta Limited) के व्यापक रीस्ट्रक्चरिंग और डीमर्जर की अंतिम विधिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके तहत आज, सोमवार 15 जून 2026 को, वेदांता से अलग होकर बनी चार नई स्वतंत्र सहायक कंपनियां—वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस, और वेदांता आयरन एंड स्टील—बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आधिकारिक रूप से सूचीबद्ध (List) हो रही हैं।
इस मेगा लिस्टिंग के लिए दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे तक एक विशेष प्री-ओपन ट्रेडिंग सेशन (Special Pre-Open Session) आयोजित किया जा रहा है, ताकि बाजार इन नए शेयरों का वास्तविक मूल्य विखंडन विधिक रूप से निर्धारित कर सके। बाजार नियामकों के नियमों के अनुसार, अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए शुरुआत में इन सभी चारों शेयरों को 'ट्रेड-टू-ट्रेड' (T2T) सेगमेंट में रखा गया है, जिसके तहत इंट्राडे ट्रेडिंग प्रतिबंधित होगी और केवल 100% अनिवार्य डिलीवरी वाले सौदे ही विधिक रूप से सेटल किए जाएंगे। विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक 'वेदांता एल्युमीनियम' का लिस्टिंग प्राइस ₹398 से ₹489 के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे इसकी अकेले की मार्केट वैल्यू ₹1.74 लाख करोड़ के पार चली जाएगी। वहीं, केर्न एसेट्स से सजी ऑयल एंड गैस कंपनी का भाव ₹42, पावर वेंचर का ₹35 से ₹60, और आयरन व स्टील इकाई का मूल्य ₹19 प्रति शेयर के आसपास खुलने का विलेख अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि इस ऐतिहासिक कॉर्पोरेट विभाजन के लिए 1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई थी। इसके तहत प्रत्येक एलिजिबल शेयरधारक को पैरेंट कंपनी वेदांता के प्रति एक शेयर पर इन चारों कंपनियों का एक-एक शेयर विखंडन बोनस के रूप में विधिक रूप से आवंटित किया गया है। इस डीमर्जर के बाद भी मूल पैरेंट कंपनी 'वेदांता' एक अलग इकाई के रूप में लिस्टेड रहेगी, जिसके पास हिंदुस्तान जिंक, जिंक इंटरनेशनल, कॉपर बिजनेस और ग्रुप का नया क्रिटिकल मिनरल पोर्टफोलियो बरकरार रहेगा, जिससे निवेशकों को हर सेक्टर में सीधे निवेश का विधिक विकल्प मिलेगा।