आसनसोल: पश्चिम बंगाल के तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रमों के बीच नेताओं के पाला बदलने के बढ़ते चलन को लेकर कूटनीतिक और राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद छिड़ गया है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने सूबे की समकालीन राजनीति पर तीखा और अनोखा कटाक्ष किया है। उन्होंने राज्य की इस नई राजनीतिक संस्कृति को 'बिजे-मूल' (भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस का अनूठा मिश्रण) नाम दिया है। पूर्व बॉलीवुड पार्श्व गायक ने चुटकी लेते हुए कहा कि बंगाल में नेताओं द्वारा अपनी विचारधारा और पार्टी बदलने की रफ्तार इतनी तेज हो गई है कि इसे देखकर टी20 क्रिकेट के फटाफट प्रारूप के पेशेवर खिलाड़ी भी हैरान और शर्मिंदा हो जाएं।
सुप्रियो ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब एक ऐसे दौर की साक्षी बन रही है, जहां जो राजनेता कल तक सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे के खिलाफ बेहद कड़वे और तीखे व्यक्तिगत हमले करते थे, वे आज नए दलों का दामन थामने के बाद अपने पुराने प्रतिद्वंद्वियों को गले लगाते और उनके सुर में सुर मिलाते नजर आ रहे हैं। हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने बयान दिया था कि वे किसी भी कीमत पर पार्टी का 'तृणमूलीकरण' नहीं होने देंगे, जिस पर पलटवार करते हुए सुप्रियो ने कहा कि असली सवाल तो यह है कि क्या वास्तव में तृणमूल का 'भाजपा-करण' हो रहा है। गौरतलब है कि आसनसोल से दो बार भाजपा सांसद रहे सुप्रियो ने २०२२ में पाला बदलकर टीएमसी का दामन थामा था और बालीगंज से विधायक बनकर राज्य मंत्री बने थे। चालू वर्ष २०२६ के सांगठनिक फेरबदल के तहत उन्होंने विधानसभा चुनाव न लड़कर उच्च सदन (राज्यसभा) का रुख किया, जहां से वे अब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय नीतियों को आगे बढ़ा रहे हैं।