पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच पिछले 24 घंटे बेहद खौफनाक साबित हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर (Apache Helicopter) के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधे सैन्य टकराव की शुरुआत हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार, 9 जून, 2026 की शाम ईरान पर चौतरफा हवाई हमले (Retaliatory Strikes) किए।
इसके जवाब में बुधवार, 10 जून, 2026 की सुबह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) और कुवैत के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और 'शाहेद-136' आत्मघाती ड्रोनों से भीषण पलटवार किया है।
इस भयंकर सैन्य तनाव और युद्ध की नई चिंगारी को 5 प्रमुख बिंदुओं में आसानी से समझा जा सकता है:
1. हेलीकॉप्टर क्रैश से भड़का विवाद
तनाव की शुरुआत मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) ओमान के तट के पास हुई, जहां अमेरिकी सेना का एक अत्याधुनिक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर गश्त पर था। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद समुद्र में गिर गया। हालांकि, एक अमेरिकी ड्रोन बोट ने दो घंटे के भीतर दोनों अमेरिकी पायलटों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सीधा आरोप लगाया कि ईरान ने जानबूझकर हमारे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है, जिसका बहुत शक्तिशाली जवाब दिया जाएगा।
2. अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान को दहलाया
राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना ने शाम 5 बजे (ET) ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों पर 'सेल्फ-डिफेंस' और आनुपातिक कार्रवाई के तहत बमबारी शुरू की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस हमले में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थित ईरानी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense), ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार साइट्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। ईरानी मीडिया ने पुष्टि की है कि केशम द्वीप (Qeshm Island), होर्मुज, जास्क (Jask), सिरिक (Sirik) और बंदर अब्बास में कम से कम 6 से अधिक भीषण धमाके सुने गए।
3. ईरान का बहरीन और कुवैत में अमेरिकी बेस पर पलटवार
अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों बाद बुधवार तड़के ईरान की आईआरजीसी (IRGC) ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet Headquarters) को निशाना बनाकर कई 'शाहेद-136' ड्रोन दागे। इसके साथ ही कुवैत में स्थित 'अली अल सालेम' एयरबेस (जहां अमेरिकी हेलीकॉप्टर यूनिट्स तैनात हैं) पर भी मिसाइलें दागी गईं। ईरान ने खुले तौर पर कहा कि यह जास्क और केशम द्वीप पर हुए अमेरिकी हमलों का सीधा बदला है।
4. कुवैत में बजे सायरन, मिसाइलें इंटरसेप्ट
ईरानी हमलों के बाद कुवैत और बहरीन में हड़कंप मच गया और कई इलाकों में हवाई हमलों के सायरन गूंज उठे। कुवैत के सैन्य प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने 'विदेशी खतरों' और मिसाइलों को आसमान में ही सफलतापूर्वक मार गिराया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने कुल 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से 6 को रास्ते में ही रोक दिया गया।
5. ईरान की अंतिम चेतावनी: 'क्षेत्र छोड़ दें विदेशी सेना'
इस भीषण गोलाबारी के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "ईरानी सशस्त्र बल किसी भी हमले या खतरे को अनुत्तरित नहीं छोड़ेंगे। अगर विदेशी ताकतें खुद को सुरक्षित रखना चाहती हैं, तो वे तुरंत इस क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) को खाली कर दें।" ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकी, तो वह दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति वाले मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह से बंद कर देगा, जिससे वैश्विक ईंधन संकट गहरा सकता है।