यदि आप भी इस सामाजिक धारणा पर विश्वास करते हैं कि रोजाना सीमित मात्रा या 'एक घूंट' शराब का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है, तो वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अब अपनी आदत बदलने का समय आ गया है। 'जर्नल ऑफ स्टडीज ऑन अल्कोहल एंड ड्रग्स' में प्रकाशित अमेरिका की एक शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी की हालिया शोध रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला और डरावना दावा किया गया है कि प्रतिदिन एक स्टैंडर्ड ड्रिंक शराब पीने से भी असमय मृत्यु (प्रीमैच्योर डेथ) का जोखिम अत्यधिक बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, समाज में जिसे 'मॉडरेट' या संतुलित ड्रिंकिंग माना जाता है, वह वास्तव में शरीर के अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है।
इस विस्तृत वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन केवल एक पेग या उससे कम शराब पीने वाले लोगों में से प्रत्येक 1,000 में से 1 व्यक्ति की मौत शराब से संबंधित गंभीर बीमारियों या अचानक होने वाली शारीरिक चोटों के कारण हो जाती है। वहीं, जो लोग रोजाना दो पेग (औसतन 14 ड्रिंक प्रति सप्ताह) का सेवन करते हैं, उनके लिए स्थिति और भी भयावह है; इस श्रेणी में हर 25 में से 1 व्यक्ति (यानी 4 प्रतिशत) समय से पहले ही काल के गाल में समा जाता है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में भूचाल आ गया है।
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के पूर्व नीति अधिकारी रॉबर्ट एम. विन्सेंट, जिन्होंने इस शोध का नेतृत्व किया था, ने सनसनीखेज दावा किया है कि इस रिपोर्ट को अमेरिकी आहार नियमावली (डाइट्री गाइडलाइंस) में शामिल करने से रोकने के लिए शराब उद्योग (अल्कोहल लॉबी) ने सरकार पर भारी दबाव बनाया था। विन्सेंट का आरोप है कि व्यावसायिक हितों के खिलाफ जाकर इस सच को सामने लाने के कारण उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया। हालांकि, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो के महामारी विज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए शराब की कोई भी मात्रा सुरक्षित या जरूरी नहीं है, और इस शोध ने शराब कंपनियों के भ्रामक प्रचार की पोल खोल दी है।