भारतीय क्रिकेट की युवा सनसनी, 15 वर्षीय बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) इन दिनों श्रीलंका की पिचों पर अपना जलवा बिखेर रहे हैं। दाम्बुला में खेली जा रही इंडिया ए, श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के बीच त्रिकोणीय वनडे सीरीज के पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम ने रोमांचक मोड़ पर श्रीलंका ए को 8 रनों से मात देकर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की। हालांकि इस हाई-स्कोरिंग मैच में ओपनिंग करने उतरे वैभव सूर्यवंशी का बल्ला तो शांत रहा और वह केवल 14 रन ही बना सके, लेकिन मैदान पर उन्होंने अपनी फील्डिंग की जादुई फुर्ती से करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया।
विशेष रूप से, 6 जून, 2026 को सीनियर भारतीय टी20 टीम (आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स 2026 के लिए) में चयन होने के बाद वैभव सूर्यवंशी का यह मैदान पर पहला आधिकारिक शानदार कैच था।
मोहम्मद कैफ के उस बयान का 'मैदान' पर जवाब
वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी और 42 गेंदों में 144 रन ठोकने की क्षमता पर तो किसी को कोई संदेह नहीं था, लेकिन सीनियर टीम में चयन से पहले उनकी फील्डिंग और कैचिंग स्किल्स को लेकर अक्सर आलोचना होती थी। आईपीएल 2026 (IPL 2026) के दौरान भारत के पूर्व दिग्गज फील्डर और कमेंटेटर मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने लाइव ब्रॉडकास्ट में एक तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि "उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को आज तक मैदान पर कभी कोई कैच पकड़ते हुए नहीं देखा है।"
[An image showing a young athletic fielder in the classic blue India A jersey full-diving parallel to the ground to clean-catch a cricket ball]
कैफ के इस बयान के बाद ही वैभव ने आईपीएल के पिछले सीजन में न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के लिए 2 शानदार कैच लपके, बल्कि आज दाम्बुला में श्रीलंका ए के खिलाफ प्रेशर सिचुएशन (दबाव के क्षणों) में जो अद्भुत कैच लपका, उसने आलोचकों का मुंह पूरी तरह बंद कर दिया। यह कैच इसलिए भी खास था क्योंकि इसने मैच का पासा पलटने में अहम भूमिका निभाई।
ऋतुराज और तिलक वर्मा ने ढाया था कहर
9 जून को खेले गए इस मुकाबले की बात करें तो कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के अपने करियर के 100वें लिस्ट-ए मैच में लगाए गए ऐतिहासिक शतक (21वां लिस्ट-ए शतक) और तिलक वर्मा की तूफानी पारियों की बदौलत इंडिया ए ने पूरे 50 ओवरों में रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया था। इसके जवाब में श्रीलंका ए की टीम ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की और मैच को अंतिम ओवर की आखिरी 5 गेंदों तक खींच दिया था। लेकिन अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा फील्डरों की मुस्तैदी के चलते श्रीलंका ए की टीम लक्ष्य से 8 रन दूर रह गई।
इस जीत ने यह साफ कर दिया है कि वैभव सूर्यवंशी केवल बल्ले से विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने में ही माहिर नहीं हैं, बल्कि फील्डिंग में बाउंड्री बचाकर और कैच पकड़कर मैच का रुख मोड़ने का हुनर भी बखूबी जानते हैं।