नई दिल्ली: देश के प्रमुख थोक जिंस बाजारों (Commodity Markets) में आवश्यक खाद्य सामग्रियों की कीमतों को लेकर पिछले समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एक मिश्रित रुख देखने को मिला है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी जून 2026 के दूसरे सप्ताह के आधिकारिक विलेख आंकड़ों के अनुसार, जहां एक ओर देश के अधिकांश थोक बाजारों में चावल और गेहूं जैसी मुख्य खाद्यान्न फसलों की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर खाद्य तेलों (Edible Oils) और मीठे के बाजार में चौतरफा मजबूती का माहौल देखा गया है।
आधिकारिक सांख्यिकी रिपोर्टों के अनुसार, थोक मंडियों में भारी आवक और पर्याप्त बफर स्टॉक के चलते चावल की औसत कीमत ₹20 की विधिक नरमी के साथ सप्ताहांत पर ₹3,831 प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गई। इसी तरह, गेहूं के थोक भाव में ₹22 प्रति क्विंटल की साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसका बाजार मूल्य घटकर ₹2,771 प्रति क्विंटल रह गया; जबकि गेहूं की इस सुस्ती का सीधा असर आटे पर भी पड़ा और इसका थोक भाव ₹12 टूटकर ₹3,270 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम तेल की कीमतों में आई मजबूती और त्योहारी मांग के चलते घरेलू स्तर पर खाद्य तेलों के बाजार में भारी उछाल दर्ज किया गया; जिसमें मूंगफली तेल ₹347, सोया तेल ₹136, पाम ऑयल ₹119 और सूरजमुखी तेल ₹93 प्रति क्विंटल तक विधिक रूप से महंगे हो गए। इसके साथ ही सरसों तेल में ₹41 और वनस्पति में ₹59 प्रति क्विंटल की विखंडन तेजी देखी गई।
दालों के बाजार में इस सप्ताह घट-बढ़ यानी उतार-चढ़ाव का एक बेहद दिलचस्प ट्रेंड देखा गया। जमाखोरी के खिलाफ सरकार की विधिक सख्ती और नई खेप की आवक के कारण जहां मूंग दाल ₹36, तुअर (अरहर) दाल ₹35 और मसूर दाल ₹7 प्रति क्विंटल तक सस्ती हुईं, वहीं इसके उलट उड़द दाल की कीमतों में ₹34 और चना दाल में ₹9 प्रति क्विंटल की साप्ताहिक विलेख वृद्धि दर्ज की गई। मीठे के बाजार में भी आपूर्ति शृंखला में आए आंशिक व्यवधान के कारण चीनी के दाम ₹17 और गुड़ के भाव ₹14 प्रति क्विंटल तक विधिक रूप से तेज रहे, जिससे आम उपभोक्ताओं की रसोई के बजट पर मिला-जुला असर पड़ने की विखंडन संभावना है।