आजकल हेल्थ और फिटनेस को लेकर बढ़ते क्रेज के बीच प्रोटीन शेक का चलन काफी बढ़ गया है। कभी सिर्फ जिम जाने वालों तक सीमित रहने वाला यह सप्लीमेंट अब वजन घटाने, मांसपेशियां मजबूत करने या दैनिक पोषण की कमी को पूरा करने के लिए आम लोगों की डाइट का भी हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आपका प्रोटीन शेक वाकई आपके लिए फायदेमंद है?
बेंगलुरु के एस्टर व्हाइटफील्ड हॉस्पिटल की चीफ क्लीनिकल डाइटिशियन वीना वी. ने बताया है कि लोग अक्सर विज्ञापनों में "हाई प्रोटीन" या "लीन मसल" जैसे शब्द देखकर बिना सोचे-समझे प्रोटीन शेक चुन लेते हैं। उन्होंने ऐसे 5 'रेड फ्लैग्स' (चेतावनी के संकेत) साझा किए हैं, जिन्हें प्रोटीन शेक चुनते समय ध्यान में रखना बेहद जरूरी है:
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी सप्लीमेंट या प्रोटीन पाउडर को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले हमेशा डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें।
1. बहुत ज्यादा चीनी (High Added Sugar)
कई प्रोटीन शेक में प्रति सर्विंग (एक बार के इस्तेमाल में) 15 से 25 ग्राम तक अतिरिक्त चीनी (डेड शुगर) होती है। इतनी अधिक चीनी के सेवन से वजन बढ़ने के साथ-साथ ब्लड शुगर में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिससे इसे पीने का मुख्य उद्देश्य ही खत्म हो जाता है।
2. सामग्री की बहुत लंबी लिस्ट (Too Many Ingredients)
यदि आपके प्रोटीन पाउडर के डिब्बे पर पीछे लिखी सामग्री (Ingredients) की सूची बहुत लंबी है, तो यह एक रेड फ्लैग है। कृत्रिम रंग (artificial colours), फ्लेवर, प्रिजर्वेटिव्स, गम्स और थिकनर्स (fillers) की अधिकता का मतलब है कि वह प्रोडक्ट बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड है। एक अच्छे प्रोटीन पाउडर की सामग्री बिल्कुल साधारण और साफ होनी चाहिए।
3. छिपे हुए सप्लीमेंट्स और एक्स्ट्रा एडिटिव्स (Hidden Stimulants)
बाजार में मिलने वाले कई प्रोडक्ट्स में कैफीन, फैट-बर्निंग ब्लेंड्स (वजन घटाने वाले मिश्रण) या हर्बल एक्सट्रैक्ट्स मिलाए जाते हैं। एक सामान्य व्यक्ति को इनकी बिल्कुल जरूरत नहीं होती। इनके सेवन से दिल की धड़कन तेज होना (palpitations) और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
4. बिना वजह भोजन की जगह प्रोटीन शेक लेना (Meal Replacements)
प्रोटीन पाउडर केवल आपके भोजन की कमी को पूरा करने (Supplement) के लिए हैं, न कि संतुलित आहार का विकल्प। असली और साबुत भोजन से जो फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स मिलते हैं, उनकी नकल कोई भी पाउडर नहीं कर सकता।
5. जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल (Overconsumption)
जो लोग बहुत कम शारीरिक सक्रियता (low activity) वाले हैं, वे अक्सर अपने दैनिक भोजन से ही जरूरी प्रोटीन प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे में विज्ञापनों के प्रभाव में आकर दिन में एक से ज्यादा बार प्रोटीन शेक पीने से शरीर में केवल अतिरिक्त कैलोरी जमा होती है, जिससे कोई फायदा नहीं बल्कि नुकसान हो सकता है।
डाइटिशियन की सलाह:
प्रोटीन सप्लीमेंट खरीदने से पहले हमेशा उसके पीछे दिए गए न्यूट्रिशन लेबल को ध्यान से पढ़ें। केवल सोशल मीडिया के ट्रेंड्स या इन्फ्लुएंसर्स की बातों में आकर इसे न खरीदें, बल्कि अपनी व्यक्तिगत शारीरिक जरूरतों और डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही सही विकल्प का चुनाव करें।