बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के राजघाट पुल पर रविवार रात 10 बजे से लागू होने वाली 60 दिनों की रात्रिकालीन नो-इंट्री फिलहाल टाल दी गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 14 जून से 13 अगस्त तक पुल पर ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलने का कार्य करना था, जिसके लिए रात के समय वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही रोकने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, फिलहाल यह कार्य शुरू नहीं हो सका है और नो-इंट्री लागू नहीं की गई।
मरम्मत कार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी और रेलवे अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुई थीं। यातायात विभाग ने भी इसके लिए विस्तृत डायवर्जन प्लान तैयार कर लिया था, लेकिन अंतिम समय में कार्य स्थगित होने के कारण पूरा डायवर्जन प्लान वापस ले लिया गया। अब राजघाट पुल पर वाहनों की आवाजाही पहले की तरह जारी रहेगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, पुल पर लगे 71 ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं, जिसके कारण बारिश का पानी पुल पर जमा हो जाता है। इन उपकरणों को करीब 20 वर्ष पहले बदला गया था और अब दोबारा इनके प्रतिस्थापन की आवश्यकता है। विभाग का कहना है कि बारिश से पहले मरम्मत कार्य पूरा करना जरूरी है ताकि पुल की संरचना सुरक्षित बनी रहे।
गौरतलब है कि दिसंबर में भी मालवीय पुल (राजघाट पुल) पर मरम्मत के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया था, लेकिन रेलवे की आपत्ति के बाद कार्य रोकना पड़ा था। मरम्मत के दौरान एक ड्रेनेज स्पाउट का हिस्सा रेलवे ट्रैक की ओर गिर गया था, जिसके बाद रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए काम बंद करा दिया था। पुल के नीचे से महत्वपूर्ण रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार गुजरते हैं, ऐसे में रेलवे ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की बात कही थी।