वाशिंगटन/अबू धाबी: पश्चिम एशिया में जारी भीषण भू-राजनीतिक तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हवाई क्षेत्र में एक अत्यंत संवेदनशील रक्षा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी वायुसेना (USAF) के सबसे आधुनिक और पांचवीं पीढ़ी के 'एफ-35 लाइटनिंग II' (F-35 Lightning II) स्टील्थ फाइटर जेट ने उड़ान के दौरान अचानक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन ट्रांसपोंडर 'कोड 7700' (Code 7700) सक्रिय कर दिया। विमानन भाषा में इस विशिष्ट कोड का सीधा अर्थ 'सामान्य आपातकाल' (General Emergency) होता है, जिसे पायलट द्वारा तत्काल ग्राउंड कंट्रोल को तब भेजा जाता है जब विमान किसी बड़े जीवन-संकट या गंभीर तकनीकी खराबी से जूझ रहा हो। वैश्विक फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और रडार प्रणालियों पर इस हाई-प्रोफाइल युद्धक विमान के आपातकालीन सिग्नल फ्लैश होते ही अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों और वायु सेना कमांडरों के बीच हड़कंप मच गया।
सैन्य उड्डयन विशेषज्ञों के अनुसार, रडार पर इस तरह का आपातकालीन स्क्वाक (Squawk) कोड जारी होने के पीछे विमान के इंजन में अचानक लगी आग, कॉकपिट का दबाव कम होना (डीप्रेसुराइजेशन), इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों का पूरी तरह ठप होना या ईंधन की तीव्र कमी जैसे कई तकनीकी और मैकेनिकल कारण हो सकते हैं। चूंकि यह घटना होर्मुज स्ट्रेट संकट और अमेरिका-ईरान के बीच जारी सैन्य तनातनी के बीच हुई है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इसे बेहद गंभीरता से देख रही हैं। हालांकि, पेंटागन या अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से अभी तक इस तकनीकी खराबी के मूल कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
राहत की बात यह रही कि आपातकालीन कोड भेजने के कुछ ही मिनटों के भीतर, पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लड़ाकू विमान की दिशा बदली और उसे अबू धाबी स्थित रणनीतिक 'अल धफरा एयर बेस' (Al Dhafra Air Base) की ओर मोड़ दिया। कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन लैंडिंग गियर की मुस्तैदी के बीच विमान को रनवे पर सुरक्षित उतार लिया गया। इस घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। वर्तमान में, अमेरिकी वायुसेना के तकनीकी इंजीनियर्स और एवियोनिक्स विशेषज्ञों की एक विशेष टीम अल धफरा बेस पर इस मल्टी-मिलियन डॉलर के सुपरसोनिक जेट की जमीनी स्तर पर गहन जांच-पड़ताल कर रही है ताकि खराबी के सही कारणों का पता लगाया जा सके।