फेसबुक (Facebook) में आया नया ‘AI Mode’, अब आपके पब्लिक पोस्ट और रील्स से ढूंढकर देगा सवालों के जवाब
सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) ने अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म फेसबुक के लिए कई नए एआई-पावर्ड (AI-powered) फीचर्स की घोषणा की है। इनमें सबसे खास है 'एआई मोड' (AI Mode), जो पूरी तरह से मेटा एआई (Meta AI) पर आधारित एक नया सर्च एक्सपीरियंस (खोजने का तरीका) है।
इस नए फीचर की सबसे बड़ी बात यह है कि जब आप फेसबुक पर कुछ सर्च करेंगे, तो यह आपको पारंपरिक सर्च इंजन की तरह सिर्फ वेबसाइट्स के लिंक्स (links) नहीं दिखाएगा। इसके बजाय, यह फेसबुक पर मौजूद पब्लिक पोस्ट (Public Posts), ग्रुप्स (Groups) और रील्स (Reels) से जानकारी जुटाकर खुद एक पूरा जवाब तैयार (Summarise) करके आपके सामने रख देगा।
खबरों की मुख्य बातें:
- पब्लिक कंटेंट का इस्तेमाल: यह एआई मोड यूजर्स द्वारा सार्वजनिक रूप से शेयर की गई बातचीत, ग्रुप डिस्कशन्स और रील्स के कैप्शन का इस्तेमाल करके लोगों के अनुभव, राय और सुझावों को सीधे आपके जवाब में शामिल करेगा।
- क्रिएटिव टूल्स की एंट्री: सर्च के अलावा फेसबुक ने फोटो और वीडियो एडिटिंग के लिए भी नए एआई टूल्स पेश किए हैं। अब यूजर्स एआई की मदद से तस्वीरों में अपने कपड़े, हेयरस्टाइल या एक्सेसरीज बदल सकेंगे। खेल प्रेमियों के लिए विशेष रूप से अपनी स्टोरीज या प्रोफाइल पिक्चर में पसंदीदा टीम की जर्सी वर्चुअली ‘पहनने’ (AI Wardrobe) का विकल्प भी दिया गया है।
- ऑटोमैटिक मॉन्टेज: कैमरा रोल शेयरिंग को आसान बनाने के लिए नए कोलाज कटआउट और ट्रांजिशन इफेक्ट्स जोड़े गए हैं, जो आपकी तस्वीरों और वीडियो को खुद-बखुद एक शानदार वीडियो मॉन्टेज में बदल देंगे। यह पूरी तरह से ‘ऑप्ट-इन’ (यूजर्स की मर्जी पर निर्भर) फीचर है, जिसे सेटिंग्स से कभी भी बंद किया जा सकता है।
क्यों उठ रहे हैं सवाल?
मेटा का यह कदम प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की व्यस्तता (Engagement) बढ़ाने के लिए है, लेकिन इस पर कुछ चिंताएं भी जताई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि चूंकि एआई किसी प्रामाणिक वेबसाइट के बजाय आम यूजर्स की आपसी बातचीत और पोस्ट से जानकारी उठाएगा, इसलिए कई बार गलत, पुरानी या भ्रामक जानकारी (Misinformation) के जवाब में शामिल होने का खतरा बना रहेगा। इसके साथ ही डेटा प्राइवेसी और यूजर्स की सहमति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह फीचर फिलहाल अमेरिका (US) के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है और जल्द ही इसे अन्य देशों में भी विस्तार दिया जा सकता है।